Home बालाघाट कृषि मंत्री का गृह जिला नकली बीज….. नकली रासयानिक खाद …और नकली दवाईयां….. जिले में धडल्ले से …. कौन रोकगा इसे ।

कृषि मंत्री का गृह जिला नकली बीज….. नकली रासयानिक खाद …और नकली दवाईयां….. जिले में धडल्ले से …. कौन रोकगा इसे ।

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सुधीर ताम्रकार। बालाघाट बालाघाट जिला प्रदेश का धान उत्पादक जिला है यहां की मुख्य पैदावार धान है जिसकी फसल पर ही जिले का व्यापार निर्भर है किसान की जीविका भी धान उत्पादन से जुडी है।फसल के लिये धान बीज की भारी पैमाने पर मांग को देखते हुये जिले में अनेक नामी गिरामी कंपनीयां आकर्षक लेबल लगाकर धान को पैकेट, बैग से सजी दुकानें जिले में लग गई है लाईसेंसधारी तथा गैर लाईसेंसधारी किराना,दवाई तथा अन्य दुकानों मंे धान के बीज धडल्ले बेचे जा रहे है। गत वर्ष महाराष्ट हिंगणघाट की यशोदा सीड्स कंपनी के द्वारा बेचे गये धान बीज में अंकूरण ना होने से उसकी पर सिंतबर 2016 तक रोक लगा दी गई थी सांसद की शिकायत पर जिला मंत्रणा समिति ने इस कंपनी को कालीसूची में दर्ज कराये जाने की अनुशंसा की इसके बावजूद संयुक्त संचालक कृषि जबलपुर के द्वारा बीज कंपनी से सांठगांठ के चलते उस पर लगी बंदिश हटा दी गई रोक हटाते ही जिले में यशोदा सीड्स कंपनी का 100 टन धान बीज बिक्री के लिये व्यापारियों के यहां पहुच गया है।सांसद भगत की आपत्ति के चलते संयुक्त संचालक कृषि के आदेश पर पून रोक लगाते हुये यशोदा सीड्स की बिक्री को प्रतिबधित कर दिया गया।चोरी चिपे इस कंपनी के बीज जिले में अभी भी बेचे जा रहे है बिरसा दमोह में 40 क्विंटल बीज का स्टाक बरामद कर उसे जप्त कर लिया गया है तथा प्रशासन ने निर्देशित किया है कि जिले में जहंा कही भी यशोदा कंपनी के बीज बेचे जा रहे है उसे जप्त कर विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायें।शासन की इस कार्यवाही के चलते यशोदा सीड्स कंपनी ने अपनी से जुडी अन्य कंपनीयों के नाम पर धानबीज बाजार में बेचने के लिये स्टाक कर दिया है।
कृषि विभाग ने इन कंपनीयों के धान बीज की प्रमाणिकता अकंूरण की क्षमता का परिक्षण नही किया गया ना ही मध्यप्रदेश शासन से उनकी बिक्री की अनुमति मिली है फिर भी धडल्ले से ऐसी बीज कंपनीयां अपने बीज बेचकर किसानों को लूट रही है।
बालाघाट जिला आदिवासी बाहुल्य जिला है जहां का किसान निरक्षर है उन गांव में कंपनीयों के बीज बेचे जा रहे है जिनका व्यापारियों द्वारा बिल भी नही दिया जा रहा है यदि उन बीजों से अंकूरण नही हुआ तो किसान के पास आपत्ति दर्ज कराने कोई सबूत नही रहेगा। किसान को 3 महिने का इंतजार करना पडेगा तब तक किसान की किस्मत का फैसला हो जायेगा। तब उसे पता चलेगा की उसने जो बीज खरीदा था वह नकली
बालाघाट जिला कृषि मंत्री का गृह जिला है इसके चलते नकली बीज, नकली रासयानिक खाद और नकली दवाईयां जिले में धडल्ले से बिक रही है। इसे कौन रोकगा।
यह उल्लेखनीय है कि कलेक्टर व्ही किरण गोपाल के कार्यकाल में इसी तरह की लिखित शिकायत महाराष्ट की अमानक बीज निर्माता कंपनी के विरूद्ध की गई थी जिसकी जांच पश्चात जिले के 50 से अधिक बीज व्यापारियों के लाईसेंस खारिज कर दिये गये थे तथा उनके विरूद्ध कानूनी कार्यवाही किये जाने के निर्देश कलेक्टर द्वारा दिये गये थे लेकिन मंत्री के दबाव के कारण उन व्यापारियों के लाईसेंस सयुक्त संचालक कृषि जबलपुर के यहां अपील के माध्यम से पून बाहल कर दिये गये।
ये कैसा अन्धा कानून है की यशोदा सीड्स कंपनी के बीज का विक्रय बालाघाट जिले में प्रतिबंधित है लेकिन सिवनी,छिदंवाडा, मण्डला सहित प्रदेश के अन्य जिलों में धडल्ले से बेचे जा रहे है।
जबकि पूरे प्रदेश में इस कंपनी के बीज बिक्री पर बंदिश लगाई जानी थी।
क्या हर जिले का अपना अलग कानून है।

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