Home बालाघाट क्वांटिटि फुड नहीं..बल्कि क्वालिटी फुड के उत्पादन पर ध्यान देना होगा।….कृषि मंत्री श्री बिसेन

क्वांटिटि फुड नहीं..बल्कि क्वालिटी फुड के उत्पादन पर ध्यान देना होगा।….कृषि मंत्री श्री बिसेन

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 बालाघाट  केन्द्र एवं राज्य सरकार ने किसानों की आय को वर्ष 2022 तक दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए किसानों की खेती में लगने वाली लागत को कम करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही किसानों को अनाज वाली फसलों के साथ ही फलो की खेती भी करना होगा और मत्स्य व पशुपालन को भी अपनाना होगा। किसानों को अब क्वांटिटि फुड नहीं बल्कि क्वालिटी फुड के उत्पादन पर ध्यान देना होगा। यह बातें मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने आज 25 अगस्त 2017 को लालबर्रा विकासखंड के ग्राम डोकरबंदी में आयोजित न्यू इंडिया मंथन-संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम में किसानों को संबोधित करते हुए कही।

ग्राम डोकरबंदी के बहुउद्देशीय किसान केन्द्र में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रेखा बिसेन, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री राजकुमार रायजादा, पूर्व विधायक श्री रामकिशोर कावरे, श्री रमेश भटेरे, जिला पंचायत सदस्य श्री झाम सिंह नागेश्वर, श्री उमेश देशमुख, कृषि उपज मंडी लालबर्रा के अध्यक्ष श्री सत्येन्द्र दमाहे, अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि मंत्री श्री बिसेन ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बालाघाट जिला चिन्नौर धान की उपज के लिए प्रसिद्ध रहा है। बालाघाट जिले की इस पहचान को पुन: स्थापित किया जायेगा। इसके लिए चिन्नौर धान की किस्म को संरक्षित और पेटेंट करने की दिशा में काम किया जा रहा है। जिले में केवल जैविक पद्धति से चिन्नौर पैदा करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्‍होंने कहा कि किसानों की उपज को बाजार उपलब्ध कराने के लिए बालाघाट में 17 करोड़ रुपये की लागत से पूरी तरह से वातानुकुलित कृषि उपज मंडी बनाई जा रही है। यह देश की अपनी तरह की पहली एयर कंडीशन कृषि उपज मंडी होगी। इस मंडी की सुविधाओं का लाभ जिले के किसानों को मिलेगा और उनको फलों व सब्जियों का सही दाम मिलेगा। बालाघाट की इस मंडी में 5 करोड़ रुपये की लागत से कृषक संगोष्ठी भवन भी बनाया जायेगा। लालबर्रा में 4 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से लिफ्ट सुविधा वाली मंडी बनाई जा रही है। कनकी ग्राम में भी 6 करोड़ रुपये की लागत से कृषक संगोष्ठी भवन बनाया जायेगा।

कृषि मंत्री श्री बिसेन ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों को प्राकृतिक आपदा में राहत प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना बनाई है। किसान की कृषि कार्य के दौरान मृत्यु होने पर उसके परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता देने का प्रावधान किया है। उन्होंने जिले में इस दिनों हो रही कम वर्षा की चर्चा करते हुए कहा कि यह एक प्राकृतिक आपदा है। इससे किसानों को भले ही कम फसल हो लेकिन उन्हें आत्मघाती कदम नहीं उठाना चाहिए। इससे उनका परिवार तकलीफ में आ जाता है। प्रदेश सरकार ऐसी स्थिति में किसानों की हर संभव मदद करेगी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रेखा बिसेन ने किसानों को संकल्प दिलाया कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के न्यू इंडिया के संकल्प को पूरा करने के लिए अपने घर पर शौचालय बनायेगें और अपने गांव व घर को स्वच्छ बनायेंगें। गरीबी को दूर करने में अपना योगदान देंगें।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र बड़गांव के वैज्ञानिक डॉ आर एल राउत, श्री सत्येन्द्र कुमार, कृषि महाविद्यालय मुरझड़ के अधिष्ठाता डॉ व्ही बी उपाध्याय, वैज्ञानिक डॉ उत्त्म बिसेन, उप संचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी एवं अन्य कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को कृषि की नवीनतम तकनीकी जानकारी दी और कृषि की लागत को कम करने एवं आय बढ़ाने के तरीके बताये।

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