Home बालाघाट गरीबों एवं वंचितों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाये जाये—–राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल

गरीबों एवं वंचितों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाये जाये—–राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल

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आनंद ताम्रकार।  बालाघाट। शासन की योजनाओं का लाभ गरीबों एवं वंचितों तक पहुंचाने के लिए हम सभी को कारगर प्रयास करने चाहिए। अकेले केन्द्र एवं राज्य सरकार कुछ नहीं कर सकती है। सरकारों का काम योजनाओं को बनाना है। इन योजनाओं का लाभ नीचे स्तर तक पहुंचाने के लिए अशासकीय एवं सामाजिक संगठनों का योगदान बहुत जरूरी है। यह बातें मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ की राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने आज 05 अक्टूबर को बालाघाट में अशासकीय संगठनों एवं महिलाओं के समूहों के साथ चर्चा के दौरान कही।

     इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रेखा बिसेन, कलेक्टर श्री डी व्ही सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री जयदेवन ए., जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती मंजूषा विक्रांत राय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडे, सिविज सर्जन डॉ अजय जैन, आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक श्री ओम प्रकाश बेदुआ, रेडक्रास समिति के पदाधिकारी व सदस्य, प्रदान संस्था के पदाधिकारी एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलायें उपस्थित थी।

     राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कार्यक्रम में टीबी रोग के मरीजों से चर्चा की और जिले में काम कर रही सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों से कहा कि वे जिले से टी बी रोग के उन्मूलन के लिए काम करें। इस रोग का उपचार संभव है। हम सभी अपनी जिम्मेदारी निभाये तो इस रोग को खत्म किया जा सकता है। हर मनुष्य में संवेदना होना चाहिए। व्यक्ति में संवेदना होने पर ही वह सामाजिक सेवा के लिए आगे आ सकता है। टी बी रोग को खत्म करने के लिए शासकीय अमला सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर मिशन के रूप में काम करेंगें तो इसके अच्छे परिणाम सामने आयेंगें। हम सभी अपने आसपास देखें कि कोई बच्चा या व्यक्ति टीबी से पीड़ित तो नहीं है। यदि है तो हमें उसका संरक्षक बनकर उसके उपचार में मदद करना चाहिए।

राज्यपाल श्रीमती पटेल ने की अशासकीय संगठनों एवं महिला समूहों के साथ चर्चा

 राज्यपाल श्रीमती पटेल ने कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के अनुभवों को सुना और उनके कार्यों की सराहना की। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले उन्हें बैंक जाने में हिचक होती थी। लेकिन जब से वे आजीविका मिशन के समूह से जुड़ी हैं, उनमें नया आत्मविश्वास आ गया है। अब वे हर सप्ताह 25 रुपये की राशि समूह के खाते में जमा करती हैं और जरूरत पड़ने पर मात्र 2 प्रतिशत के ब्याज पर समूह की महिला सदस्यों को उधार देती है। इससे उनका समूह ही महिलाओं के लिए एक बैंक बन गया है। अब समूह के पास बड़ी राशि एकत्र हो गई है और वह गांव के अन्य लोगों को भी ब्याज पर राशि उधार देने लगी है।

     राज्यपाल श्रीमती पटेल ने इस अवसर जिले में आजीविका मिशन के महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को भी देखा और महिलाओं द्वारा रोजगार के लिए किये जा रहे प्रयासों को सराहा। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे इसी जागरूकता के साथ कार्य करें और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें।

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