Home बालाघाट ज्योति के बोलने से वंचित होने का कारण मीजल्स-रूबैला टीका नहीं

ज्योति के बोलने से वंचित होने का कारण मीजल्स-रूबैला टीका नहीं

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बालाघाट।   बैहर तहसील के ग्राम आमगांव की निवासी माध्यमिक शाला की छात्रा कुमारी ज्योति सोनवाने के बोलने से वंचित होने का कारण मीजल्स-रूबैला टीकाकरण नहीं है। बल्कि घबराहट के कारण बालिका ज्योति के साथ ऐसा हुआ था। बालिका ज्योति अब पूरी तरह से ठीक हो चुकी है और ठीक से बोल भी रही है।

     मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडे ने बताया कि मीजल्स-रूबैला टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 17 जनवरी 2019 को कन्या माध्यमिक शाला आमगांव में छात्राओं को स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा टीका लगाया गया है। 17 जनवरी को शाला की 69 छात्राओं को एमआर टीका लगाया गया है। छात्राओं के टीकाकरण के बाद छात्रा कुमार ज्योति सोनवाने के बोलने से असमर्थ होने की शिकायत मिलने पर उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बैहर में उपचार के लिए लाया गया था। इस छात्रा को बेहतर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय बालाघाट रेफर किया गया था। जिला चिकित्सालय बालाघाट में इस बालिका का उपचार किया गया है। बालिका अब पूरी तरह से स्वस्थ्य है और ठीक से बोल भी रही है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ निलय जैन द्वारा छात्रा ज्योति का उपचार किया गया है।

     डॉ मनोज पांडे ने बताया कि कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित एवं सोशल मीडिया में वायरल खबर में कहा गया है कि छात्रा ज्योति मीजल्स-रूबैला टीका लगने से बोलने से वंचित हो गई है। जबकि यह सही नहीं है। मीजल्स-रूबैला टीकाकरण के कारण छात्रा की जुबान बंद नहीं हुई थी। छात्रा डर एवं घबराहट के कारण बोलने में असमर्थ हो गई थी। लेकिन अब वह पूरी तरह से स्वस्थ्य होकर अच्छे से बोल रही है। डॉ पांडे ने बताया कि एमआर टीका पूरी तरह से सुरक्षित है और इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। हमारी आने वाली पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिए 09 माह से 15 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को एमआर टीका लगाना जरूरी है। अब तक जिले के 76 हजार 604 बच्चों को एमआर टीका लगाया जा चुका है।

   मीजल्स-रूबैला का टीका सभी बच्चों को नि:शुल्क लगाया जा रहा है। इसके लिए किसी भी संस्था या स्कूल को किसी भी बच्चे से रुपये की मांग नहीं करना है। बच्चों के पालकों एवं अभिभावकों से भी अपील की गई है कि यदि किसी स्कूल या संस्था द्वारा मीजल्स-रूबैला टीका लगाने के लिए रुपये की मांग की जाती है तो तत्काल इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग के अमले से करें। ऐसी शिकायतों पर तत्काल उचित कार्यवाही की जायेगी।

     जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ परेश उपलप ने पालकों एवं अभिभावकों से अपील की है कि भ्रामक प्रचार पर ध्यान न दें। मीजल्स-रूबैला टीका पूरी तरह से सुरक्षित है और इस अभियान के अंतर्गत अपने 09 माह से 15 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को यह टीका अवश्य लगवायें।

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