Home बालाघाट पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में ..ना तो फोटोग्राफ लेने दिये और नही विडियो षूट करने दिया…व्यापारियों के नाम भी नही बताये

पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में ..ना तो फोटोग्राफ लेने दिये और नही विडियो षूट करने दिया…व्यापारियों के नाम भी नही बताये

0 second read
0
0
70

सुधीर ताम्रकार। बालाघाट जिले की किरनापूर पुलिस ने छत्तीसगढ दूर्ग निवासी 4 युवकों को हिरासत में लिया है। जिनके पास से 11 किलो 389 ग्राम सोने से बने जेवरात जप्त किये है जिसकी किमत 4 करोड रूपये बतलाई गई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है पुलिस सूत्रों के मुताबिक एकीकृत जांच आरटीओ चेकपोस्ट रजेंगांव को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी की वाहन क्रमंाक सीजी07 एएम 4644 में सोना ले जाया जा रहा है जिसके आधार पर आरटीओ चेक पोस्ट रजेगांव में नाका बंदी कर संबंधित वाहन को रोका और किरनापुर पुलिस को जानकारी दी। किरनापुर पुलिस ने मौके पर पहुचकर वाहन सहित उसमें सवार चारों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया तथा को जांच के लिये किरनापुर थाने ले जाकर जांच की गई। पकडे गये युवकों में सुमित जैन,गोपालचंद गोलछा,मुकेष चेलक, भगवान राम मालिक, पूछताछ में प्रथम दृश्टया युवकों द्वारा सोने के संबंध में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नही कर पाये लेकिन बाद में उन्होने बताया की वे ये आभूशण दूर्ग छत्तीसगढ स्थित सहेली ज्वेलर्स के यहां से लेकर बालाघाट बेचने के लिये आये थे। एडीषनल एसपी श्री आकाष भूरिया ने अवगत कराया की युवकों से बरामद हुये सोने का बिल सहेली ज्वेलर्स के कर्मचारियों ने दूर्ग से यहां पहुंचकर प्रस्तुत कर दिया है उन्होने आभूशण बेचने के लिये अथारिटी लेटर भी बताया। श्री भूरिया ने बताया की युवकों द्वारा प्रस्तुत किये गये बिलों की जांच सेलटेक्स एंव इनकम टेक्स विभाग से कराई जायेगी। व्यापारिक सूत्रों में चल रही चर्चाओं के अनुसार इस वाहन में 20 से 25 किलो सोने के जेवरात थे लेकिन पुलिस ने केवल 11 किलो 389 ग्राम सोने की ही जप्ती बनाई है इन व्यापारियों बालाघाट के व्यापारियों को भी सोने के जेवरात की बिक्री है इसके बाद वे दूर्ग की ओर जा रहे थे।
धमेन्द्र षिवहारे थाना प्रभारी किरनापुर ने बताया की वाहन से 11 किलो 389 गा्रम सोने के जेवरात जप्त किये गये जप्ती के दौरान व्यापारियों के पास कोई दस्तावेज नही थे उनसे पूछताछ की जा रही है।
मिडियाकर्मीयों ने किरनापुर पुलिस की भूमिका को संदेह के घेरे में बताया। उनका आरोप है कि जब वाहन को थाने में ले जाकर खडा किया तब पुलिस द्वारा ना तो उसके फोटोग्राफ लेने दिये और नही विडियो षूट करने दिया।
पुलिस ने व्यापारियों के नाम भी नही बताये इस संबंध में वरिश्ट अधिकारियों को अवगत कराया तो अधिकारियांे के निर्देष के बाद पुलिस ने जानकारी दी।

Load More Related Articles
Load More By Sudhir Tamrakar
Load More In बालाघाट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

पूर्व विधायक सहित चार को कांग्रेस पार्टी से किया निष्कासित

बालाघाट/वारासिवनी म.प्र. कांग्रेस कमेटी भोपाल ने गुरूवार को कांग्रेस के ही प्रदीप जायसवाल,…