Home भोपाल मंत्री गौरीशंकर बिसेन और IAS गुलशन बामरा के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत

मंत्री गौरीशंकर बिसेन और IAS गुलशन बामरा के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत

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भोपाल। कांग्रेस ने आज मप्र के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन एवं बालाघाट के तत्कालीन कलेक्टर गुलशन बामरा के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत की है। शिकायत के साथ मंत्री के बयान की सीडी भी पेश की गई है। कांग्रेस ने मांग की है कि दोनों के खिलाफ सरकारी धन में हेराफेरी व साक्ष्य मिटाने को लेकर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट-1988 एवं उसकी सहपठित विभिन्न धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। हालांकि इस मामले में आईएएस गुलशन बामरा ने भोपाल समाचार को बताया है कि किसी भी प्रकार के दस्तावेज नष्ट नहीं किए गए हैं। कोई भी व्यक्ति आरटीआई लगाकर दस्तावेज मांग सकता है। प्रभारी लोकायुक्त को सौंपी अपनी शिकायत में कांग्रेस ने कहा कि सात वर्ष पूर्व जब श्री बिसेन सांसद थे, तब उनकी सांसद निधि में से 25 लाख रूपयों की राशि की हेराफेरी, उसके दुरूपयोग का आरोप उन पर लगा था, जिसकी शिकायत के बाद तत्कालीन कलेक्टर श्री गुलशन बामरा जो वर्तमान में संभागायुक्त, जबलपुर संभाग के पद पर काबिज हैं, ने साक्ष्यों को नष्ट करने के उद्देश्य से संबंधित रिकार्ड को जला दिया था, जिसकी वजह से मंत्रीजी बाल-बाल बच गये, इस बात की स्वीकारोक्ति किसी और ने नहीं, बल्कि 26 अप्रैल, 17 को बालाघाट जिले के किरनापुर में संपन्न रानी अवंतीबाई प्रतिमा अनावरण समारोह के दौरान सार्वजनिक मंच पर स्वयं श्री बिसेन ने ही की है। जिसकी वीडियो सीडी भी लोकायुक्त महोदय को प्रमाण के तौर पर सौंपी गई है।
इस सार्वजनिक समारोह में बालाघाट जिले के लांजी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित कांग्रेस विधायक सुश्री हिना कांवरे भी मौजूद थीं, जिन्होंने मंत्रीजी के उक्त कथन की पुष्टि भी की है, जिन्हें लोकायुक्त महोदय साक्ष्य के रूप में बुला सकते हैं। चूंकि मामला एक जनसेवक से जुड़ा होकर सरकारी धन के दुरूपयोग और हेराफेरी से संदर्भित है। जिसके साक्ष्य तत्कालीन जिला कलेक्टर ने आग के हवाले कर राजनैतिक दबाववश नष्ट किये हैं, यह और भी अधिक गंभीर आरोप है। जो स्पष्ट करता है कि मंत्रीजी के राजनैतिक प्रभाव के कारण उन्हें तत्कालीन कलेक्टर ने उन्हें इस गंभीर आपराधिक षड्यंत्र से साक्ष्यों को नष्ट कर बचाने की कोशिश की है। लिहाजा, लोकायुक्त महोदय, विषय की गंभीरता पर संज्ञान ले दोषियों को कानून से शासित करें, क्योंकि लोकसेवकों द्वारा रचित यह आचरण एक बड़ा संगनमत अपराध है।
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