Home भोपाल मुख्यमंत्री समेत तमाम मंत्रियों ने छतों पर डंडा लगाकर लालबत्तियां लटका दीं।… मंत्री नहीं फिर भी बत्ती

मुख्यमंत्री समेत तमाम मंत्रियों ने छतों पर डंडा लगाकर लालबत्तियां लटका दीं।… मंत्री नहीं फिर भी बत्ती

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भोपाल। भारत में वीवीआईपी कल्चर खत्म करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी ने भी कभी नहीं सोचा होगा कि भाजपा के सबसे जमीनी नेता और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह उनकी ‘मन की बात’ की इस तरह खिल्ली उड़ाएंगे। चौंकाने वाली बात तो यह है कि सीएम शिवराज सिंह की देखादेखी मप्र के मंत्रियों ने भी मोदी को मजाक बनाकर अपने बंगलों की छतों पर डंडे से लटका डाला। जी हां, मोदी ने कार से लालबत्तियां हटवाईं तो सीएम समेत तमाम मंत्रियों ने छतों पर डंडा लगाकर लालबत्तियां लटका दीं।
19 अप्रैल को केंद्र सरकार ने कैबिनेट में गाड़ियों से लालबत्ती हटाने का फैसला लिया। सीएम समेत मप्र के मंत्रियों ने ताबड़तोड़ अपने वाहनों से लालबत्ती खुद हटाईं और अखबारों में अपनी फोटो छपवाईं परंतु खुद को वीआईपी दर्जा जारी रखने के लिए उन्होंने कारों से उतारी गईं बत्तियां छतों पर लगा लीं। अभी भी उनके बंगलों पर लालबत्ती लगी हैं, जो रातभर चमकती हैं।
इन माननीयों के यहां लगीं है लालबत्तियां
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, वित्तमंत्री जयंत मलैया, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस, पशुपालन-मत्स्य विकास मंत्री अंतर सिंह आर्य, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ललिता यादव के बंगले पर लालबत्ती लगी हुई है। इसके अलावा 74 बंगला, चार इमली क्षेत्र में कई मंत्रियों ने बंगलों पर लालबत्ती लगा रखी है।
मंत्री नहीं रहे, फिर भी बत्ती 
प्रदेश के आदिमजाति कल्याण मंत्री रहे ज्ञान सिंह सांसद निर्वाचित होने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं, लेकिन उनके बंगले बी-26, 74 बंगले पर लालबत्ती लगी है। ऐसे ही मनावर (धार) से भाजपा विधायक रंजना बघेल ने भी बंगले पर लालबत्ती लगा रखी है।
नियमों में नहीं उल्लेख 
गृह विभाग के पूर्व सचिव एलके द्विवेदी बताते हैं कि कोई घर में कौन से रंग की लाइट जलाता है, इसका कोई नियम नहीं है। कोई भी किसी भी रंग की लाइट लगा सकता है।
कोई टोके तो सही
प्रधानमंत्री ने लालबत्ती पर प्रतिबंध लगाकर संदेश दिया है कि कानून सबके लिए बराबर है। लोगों ने वाहनों से लालबत्ती हटा भी ली, लेकिन मानसिकता तो अभी भी सामंतवादी है। ये मानसिकता एकदम से नहीं जाएगी। प्रदेश में राजशाही रही है, यह उसका भी असर है। बात सिर्फ मंत्रियों तक सीमित नहीं है। ब्यूरोक्रेसी में भी ऐसी मानसिकता है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इसे रोकने के प्रयास होने चाहिए। कोई टोके तो..।
अरुण गुर्टू, पूर्व आईपीएस
कार्रवाई हो सकती है
लालबत्ती को लेकर मोटर यान अधिनियम में संशोधन हो चुका है। अब इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर कोई भी वीआईपी वाहन पर लालबत्ती नहीं लगा सकता है। ऐसे मामलों में कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा सकती है।
एसएन मिश्रा, प्रमुख सचिव, परिवहन विभाग

 

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