Home बालाघाट वियतनाम की फंगेसियस मंछली का उत्पादन अब बालाघाट जिले में…..किसानों के लिये नई राह

वियतनाम की फंगेसियस मंछली का उत्पादन अब बालाघाट जिले में…..किसानों के लिये नई राह

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विजय जैन बालाघाट वियतनाम की मेकांग नदी के डेटला में पाई जाने वाली फंगेसियस मंछली का उत्पादन अब बालाघाट जिले में भी किया जाने लगा है। मिठे पानी में पाई जाने वाली यह दुनिया की तीसरी बडी मंछली की प्रजाति बताई गई है यह तेजी से बडी होने वाली मछली है।
इसमें प्रजनन क्षमता नही होती फांगेसियस मंछली के उत्पादन में वियतनाम प्रथम स्थान पर है। आन्धप्रदेष में इस मछली का बहुतय से उत्पादन किया जाता है इस मछली में वायु से श्वास लेने की क्षमता होती है इस कारण से यह कम आक्सीजन में भी पानी से बाहर निकलने के बाद अधिक समय तक जीवित रहती है। बालाघाट जिले में भी परम्परागत खेती से हटकर मछली पालन के क्षेत्र में कुछ नया कर दिखाने की लगन के चलते ग्राम सरेखा के मदन बनवारी नामक कृषक ने फांगेषियस मछली का उत्पादन कर कम समय में कम लागत में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर उसने मछली पालन करने वाले किसानों को नई राह दिखाई। मदन बनवारी के तालाब में फांगेषियस मंछली अब बिक्री तैयार हो गई है उसका अनुमान है की उसके तालाब से 90 क्विंटल मछली निकलेगी जिसका बाजार मूल्य लगभग 9 लाख रूपये उसे प्राप्त होगा।बनवारी ने कृषि विज्ञान केन्द्र बडंगांव के वैज्ञानिक डॉ.सत्येन्द्र कुमार से फांगेषियस मछली पालन करने का मार्गदर्षन प्राप्त किया था। यह उल्लेखनीय है कि वर्षा ऋतु में मछलीयों का प्रजनन काल होने के कारण मछली के क्रय विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है लेकिन इस प्रजाति की मछली में प्रजनन क्षमता ना होने के कारण इसके क्रय विक्रय पर कोई प्रतिबध्ंा नही होता। बनवारी की सफलता देखकर अनेक मछवारे इस मछली के उत्पादन करने के लिये आगे आ रहे है।

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