Home बालाघाट सुकचंद का पक्के मकान का सपना हुआ साकार

सुकचंद का पक्के मकान का सपना हुआ साकार

2 second read
0
0
36

 सफलता की कहानी  बालाघाट कटंगी।  मिट्टी के कच्चे मकान में रहने वाले गरीब सुकचंद का भी सपना था कि उसका सीमेंट-कांक्रीट का पक्का मकान हो। लेकिन धन की कमी उसके इस सपने को पूरा करने में सबसे बड़ी बाधा बन जाती थी। ऐसे में उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का सहारा मिला और उसका पक्के मकान का सपना साकार हो गया है। सुकचंद अब सीमेंट-कांक्रीट के पक्के मकान का मालिक बन गया है और नये मकान में रहने लगा है।

     कटंगी विकासखंड के ग्राम कटेरा का सुकचंद महेर मिट्टी के बर्तन एवं त्यौहारों के समय मुर्तियां बनाने का काम करता है। यह उसका पुश्तैनी काम है, लेकिन इसमें केवल परिवार के गुजारे लायक ही आय हो पाती है। सुकचंद का परिवार वर्षों पुराने मिट्टी के कच्चे मकान में रहता था। कच्चे मकान में रहने पर उसे सबसे अधिक तकलीफ वर्षा के दिनों में होती थी। उसके मन में मिट्टी की दीवारों के धसकने का डर हमेशा समाया रहता था। वर्षा के दिनों में कवेलू की छत से टपकता पानी दुबले पर दो आषाढ़ वाली स्थिति कर देता था। सुकचंद नया मकान बनाने के लिए बहुत परेशान था।

     कहते है कि वक्त कभी एक सा नहीं रहता है। बुरे वक्त के बाद अच्छा वक्त भी आता है। ऐसा ही सुकचंद के साथ भी हुआ है। सुकचंद को प्रधानमंत्री आवास योजना से एक लाख 50 हजार रुपये की राशि मकान बनाने के मिली तो उसने अपना पक्का मकान बना लिया है। सीमेंट-कांक्रीट के पक्के मकान में रहकर सुकचंद अब काफी खुश है। वह कहता है कि प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की अच्छी योजना है। यह योजना न होती तो उसे आज भी कच्चे मकान में ही रहना पड़ता। सुकचंद ने बताया कि पहले वर्षा के दिनों में उसकी बनायी मूर्तियां पानी में भीग जाती थी। लेकिन अब मूर्तियों के पानी में भीगने की उसे कोई चिंता नहीं है। सुकचंद से अपने घर पर पक्का शौचालय भी बना लिया है

Load More Related Articles
Load More By Sudhir Tamrakar
Load More In बालाघाट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

सांप सीढी बनाकर मतदान के लिये किया जागरूक

आनंद ताम्रकार। बालाघाट भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त सोशल मीडिया एम्बेसडर दुर्गेश तिवा…